पुरषों में होने वाली कमजोरी तथा नपुंसकता में घरेलू उपचार

पुरषों में होने वाली कमजोरी तथा नपुंसकता में घरेलू उपचार

नपुंसकता में घरेलू उपचार

स्वास्थवर्धक –

आँवले का चूर्ण को आँवले के रस में एक सौ बार घोटकर भींगने देना चाहिए और बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर 3 माशे से 6 माशे तक दूध या जल के साथ सेवन करें | इससे सातों धातुओं की वृद्धि होती है और स्वास्थ हीरे की तरह चमकने लगता है |

शरीरिक दुर्बलता –

किसी भी कारण से शरीर में खून की कमी हो तो प्रतिदिन लाल चुकन्दर का सलाद तब तक खायें जब तक कि चुकन्दर बाजार में मिलता हो |

असगन्ध को कूटकर 8 गुणा दूध और घी में मिलाकर धीमी आँच पर पकायें जब केवल घी रह जाये तो इस घी को एक चम्मच प्रतिदिन खाते रहने से दुबले मनुष्य मोटे हो जाते हैं |

शक्तिवर्द्धक

सतावर का चूर्ण 8-10 ग्राम प्रतिदिन दूध के साथ सेवन करने से इतनी ताकत बढ़ती है कि सेवनकर्ता आश्चर्यचकित रह जाता है |

धातु पलता होने पर –

गूलर का 15 बूंद दूध बताशे में भरकर खाने से एक महीने में धातु गाढ़ी हो जाती है | एक माह तक स्त्री के पास ना जायें सयंम रखें |

कमजोरी –

आधा सेर शहद में 1 पाव सफ़ेद प्याज का रस डालकर पका लें | पक जाने पर 1-1 चम्मच सुबह-शाम पीने से खोई हुई शक्ति फिर बापस लौट आती है |

नपुंसकता –

सिंधुआर की जड़ दो माशा पीस लें | उसमें गाय का घी एक चम्मच भर मिलाकर पका लें और इसे सेवन करें तो कोड़ी की भी काया पलट जाए | अथवा पीपल के वृक्ष का फल सुखाकर तथा उसे कूटकर कपड़े से छानकूट लें | चार आना भर रोज पाव भर गाय के दूध में मिलाकर सेवन करें | यह धातु को गाड़ा कर बल-वीर्य को बढाकर शरीर में ताकत पैदा करने में कमाल का है | नामर्द को मर्द बनाता है | इसके नित्य सेवन से बन्ध्या स्त्री को अवश्यमेव संतान होती है तथा यह स्त्री के प्रसव प्रदर मासिक धर्म की गड़बड़ी को अच्छा करता है |

1 thought on “पुरषों में होने वाली कमजोरी तथा नपुंसकता में घरेलू उपचार

Leave a Reply

Your email address will not be published.