गेंहूँ के घास रस (Wheatgrass Juice) पीने के अन्य लाभ जानिए हिंदी में

  1. संभव हो तो गेंहूँ-घास-रस (Wheatgrass Juice) का ‘एनिमा’ भी लें | इससे पेट में यदि कीड़े हों तो बाहर निकल आते हैं | पेट साफ़ रहता है तथा पेट से उठने वाली अन्य बीमारियों में भी लाभप्रद है | जैसे कब्ज, गैसेस ट्रबल, अल्सर आदि |
  2. भूख खूब लगती है तथा शारीरिक शक्ति में अत्यधिक वृद्धि होती है व् शुद्ध खून का निर्माण होता है और चेहरा सुन्दर तथा लावण्यमय हो जाता है |
  3. मूत्राशय व् गुर्दे संबंधी रोग दूर होते हैं | पथरी भी दूर होती है | दाँत मजबूत होते हैं तथा बालों को भी लाभ होता है | आँखों की ज्योति बढ़ती है | चर्मरोग नहीं होते |
  4. विघार्थियों का शारीरिक-मानसिक विकास खूब होता है और स्मरण शक्ति बढ़ती है |
  5. बल्ड प्रेशर, हृदय-रोग, लकवा व् पोलियो की सम्भावना नहीं रहती |
  6. गेंहूँ-घास की पत्तियों को पानी में डालकर रखने से उसके कीटाणु नष्ट होकर पत्तियों से चिपक जाते हैं व् पानी अत्यधिक शुद्ध हो जाता है |

‘चोकर-काफी’ एक प्रयोग यह भी : –

गेंहूँ के आटे को मैदे की छलनी से छान लीजिए और जो चोकर यानी चापड़ या भूसी निकले उसे तवे पर सेंक लें | उसे इतना सेंकें कि वह लाल हो जावे परन्तु कच्ची न रहे और जले भी नहीं | फिर इस सिकी हुई चोकर को दूध-शक्कर पानी में डालकर खूब उबालें व् छानकर पियें | इसका स्वाद कॉफी के सामान होगा और तुरन्त स्फूर्ति मालुम होगी क्योंकि इसमें प्रोटीन अधिक है | इससे ‘ब्लड-प्रेशर’, हार्ट-अटेक, कब्ज व् गैस-ट्रबल में फायदा होगा और शरीरिक कमजोरी दूर करने में तो इसका कोई जवाब ही नहीं |

निरोगता : गेंहूँ शर्बत (Wheatgrass juice)शारीरिक स्फूर्ति और शक्ति देता है | फार्म का गेंहूँ एक बर्तन में डालें और इससे दुगना पानी दाल कर बारह घण्टे तक भींगने दें | फिर इसे छानकर पानी में शहद मिलाकर पीयें | इस प्रकार गेंहूँ का पानी नित्य पीने से कोई रोग पास नहीं आयेगा |

जिन्हें लाभ पहुँचे वे लेखक को अपने अनुभव लिखकर भेंजे ताकि दूसरों को बताया जा सके |

,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *