गाजर (Carrot) खाने के कई फायदे होते हैं पर जानिए किन-किन प्रस्थितियों में गाजर का सेवन नहीं करना चाहिए

लेटिन नाम – डॉक्स केरोटा (Daucus carota)

Carrot Benefits:-

गाजर (Carrot) में शरीर के लिए पोषक तत्व होते हैं | इनमें कोषों एवं धमनियों रोशन जीवन करने की क्षमता होती है |  गाजर गाजर के रस में जीवनदायिनी सकती है | जिसमें मीठा लेना निषेध होता है, जैसे डायबिटीज आदि को छोड़कर गाजर प्राय:  हर एक रोग में सेवन की जा सकती है | गाजर खाने की अपेक्षा इसका रस अधिक लाभदायक है |

गाजर की  आरोग्य शक्ति : सदा काम करते रहने से शरीर क्षीण होता रहता है|इस क्षीणता की पूर्ति गाजर में निहित तत्वों से हो जाती है |फलत:  रोग अनायास ही दूर हो जाते हैं| गाजर का रस (Carrot juice) पीने से पाचन संस्थान मजबूत होता है |मल में दुर्गंध और विषैले कीटाणु नष्ट हो जाते हैं | गाजर (Carrot) में बेटा कैरोटीन  नामक औषधि तत्व है |यह कैंसर पर नियंत्रण करने में उपयोगी है |लंबी बीमारी भोगने के बाद उसकी क्षति पूर्ति करने में गाजर का रस बहुत ही प्रभावकारी है | रोगी चुस्त ताजा और शक्तिशाली बनता है |

निषेध : नि:संदेह सभी रोगों में लाभदायक है फिर भी जुकाम,  जीर्ण ज्वर, निमोनिया या तीव्र ज्वर में गाजर का रस नहीं लेना चाहिए | कारण यह है कि बीमारी के समय रुग्ण शरीर, भीतरी विषय द्रव्य बाहर निकालता है, गाजर का रस तो क्या कोई भी आहार इस प्रक्रिया में बाधा डालता है |लेकिन टान्सिलाइटिस, पेचिश, आन्त्रपुच्छ-प्रदाह, एनीमिया, पथरी, रक्ताम्लता, बवासीर, अल्सर और रक्तविकार आदि में गाजर का रस उपयोगी सिद्ध होता है |  

गाजर (Carrot) कई रंग की होती है |  काली गाजर सबसे अच्छी होती है |  गाजर को अधिक नहीं खाया जा सकता |इसके कच्चे रस को पीकर इसका पूर्ण लाभ उठाया जा सकता है|यह गर्मतर है | गाजर का रस वात कारक होता है अंत: रस में सिखा पिसा हुआ जीरा, शक्कर एवं नमक मिलाकर पीने से यह दोष दूर हो जाता है एवं पेय स्वादिष्ट हो जाता है |

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