Uses of अंगूर(Grapes) in Ayurveda

Uses of अंगूर(Grapes) in Ayurveda

बालचर किशमिश 1 तोला, ऑंवला 6 माशे | दोनों को पानी में डालकर रात के समय सेवन करें |

सुखी खाँसी – बादाम गिरी, मुलहेठी, मुनक्का सबको महीन चूर्ण करके चने के बराबर गोली बनाकर दो-दो- गोली दिन में तीन बार चुसो|

आखों के लिए – अंगूर का रस कलई(पीतल) के बर्तन में आग पर पकाओ | गाढ़ा होने पर शीशी में भर लो | इसे लगाने से नेत्रों की खारिश और बाल झाड़ना बंद हो जाते हैं |

स्त्रियों के लिए  – मीठे अंगूर का रस दो तोले रोज जल से लें | कब्ज, सिरदर्द, चक्कर आना, पेट फूलना आदि दूर होंगे |

नकसीर में – मीठे अंगूर का रस नाक में चढाओ |

दिल पर ताकतक – किशमिश 2 तोले, केशर 2 पत्ती रात में मिटटी के पात्र में एक छटांक पानी मिला ओस में रखो | आठ दिन तक सुबह किश्मिशो को उसी पानी से खायो |

कान की पीप – अकरकरा 1 तोला बारीक करके 2 तोले मुनक्का में खूब रगड़कर मंजन बना लें | मुनक्का के बीजों को निकालकर फेंक दो | बजन खुराब 2 माशे | पन्द्रह बीस दिन दूध के साथ इस्तेमाल करें |

गुर्दा दर्द – अंगूर की बेल के पत्ते 1 छटांक पानी में पीस-छानकर थोडा सा लाहोरी नमक मिलाकर पिलाएं |

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