अंगूर (Grapes) का सेवन करने के आयुर्वेदा में अदभुत फायदे

चेचक : अंगूर (Grapes) गर्म पानी से धोकर खाने से चेचक में लाभदायक होता है |

मिरगी : मिरगी के रोगियों के लिए अंगूर (Grapes) खाना बहुत लाभदायक होता है | अत: उन्हें अंगूर खाना चाहिए |

आधे सिर का दर्द : अंगूर का रस एक कप नित्य प्रात: सूर्य निकलने (सूर्यादय) से पहले पीने से आधे सिर का दर्द (आधा-सीसी का दर्द, दर्द जो सूर्य के साथ बढ़ता है) ठीक हो जाता है |

खाँसी-कफ : अंगूर (Grapes) खाने से फेफड़ों को शक्ति मिलती है | जुकाम खाँसी दूर होती है | कफ बाहर आ जाती है | अंगूर खाने के बाद पानी न पीयें |

दमा : दमें में अंगूर खाना बहुत लाभदायक है | यदि थूकने में रक्त आता हो तब भी अंगूर खाने से लाभ होता है |

हृदय में दर्द एंव धड़कन : रोगी यदि अंगूर (Grapes) खा कर ही रहे तो हृदय-रोग शीघ्र ठीक हो जाते हैं | जब हृदय में दर्द हो और धड़कन अधिक हो तो अंगूर का रस पीने से दर्द बंद हो जाता है तथा धड़कन सामान्य हो जाती है | थोड़ी देर में ही रोगी को आराम आ जाता है तथा रोग की आपात-स्थिति (Emergency) दूर हो जाती है |

घबराहट : अंगूर खाने से घबराहट दूर हो जाती है |

दन्तोदगमन : (दाँत आना) दाँत निकलने समय अंगूरों का दो चम्मच रस नित्य पिलाते रहने से दाँत सरलता और शीघ्रता से निकल आते हैं, बच्चा रोता नहीं है | वह हँस-मुख रहता है | बच्चा सुडौल रहता है | सूखे का रोग नहीं होता है | इससे बच्चों को (फिट) दौरे नहीं पड़ते और चक्कर भी नहीं आते | अंगूर मीठे हों | स्वाद के लिए चाहें तो शहद भी मिला सकते हैं |

मासिक धर्म अनियमित, स्वेत प्रदर : सौ ग्राम अंगूर नित्य खाते रहने से मासिक धर्म नियमित रूप से आता है | इससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा | इसके लिए यह एक अच्छा टॉनिक है |

गुर्दे का दर्द : अंगूर की बेल के 30 ग्राम पत्तों को पीस कर, पानी मिलाकर छान कर, नमक मिलाकर पीने से गुर्दे के तड़पते रोगी को आराम मिलता है |

बार-बार पेशाब जाना मूत्राशय के लिए अच्छा नहीं है | अंगूर (Grapes) खाने से बार-बार पेशाब जाने की हाजत कम होती है |

नकसीर : मीठे अंगूर का रस नाक से खींचने से नकसीर तुरन्त बंद हो जाती है |

फेफड़ों के सब प्रकार के रोग-यक्ष्मा, खाँसी, जुकाम दमा आदि के लिए अंगूर बहुत अच्छा है |

दूध वृद्धि : अंगूर खाने से दूध में वृद्धि होती है, कम दूध वाली स्त्री को यह खाने चाहिए |

शक्तिवर्धक : ताजे अंगूरों का रस कमजोर रोगी के लिए लाभदायक है | यह रक्त बनाता है और रक्त पतला करता है, शरीर मोटा करता है | दिन में दो बार नित्य अंगूर का रस पीने से पाचन शक्ति ठीक होती है, सिर दर्द, बेहोशी के दौरे, चक्कर आना, छाती के रोग, क्षय में उपयोगी है | रक्त विकार को दूर करता है | शरीर में व्याप्त विषों को बाहर निकलता है | स्वेत प्रदर में लाभ होता है | गर्भ का बच्चा स्वस्थ, बलवान होता है | अंगूर रक्त को लोहा देता है |

घाव : नियमित अंगूर खाने से घाव शीघ्र भरते हैं |

नशीले पदार्थ : सिगरेट चाय, काफी, जर्दा, शराब, की आदत केवल अंगूर खाकर रहने से छूट जाती है |

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