Herbal Benefits of Nutmeg (जायफल) In Hindi

Herbal Benefits of Nutmeg (जायफल) In Hindi

लेटिन नाम – मायरिस्टिक फ्रेग्रेन्स (Myristic fragrans)

प्रकृति : गर्म | जायफल (Nutmeg) हल्का, स्वर के लिए हितकारी, अग्नि को जगाने वाला और पाचक होता है | यह फल, वादी (वात), कृमि और खाँसी को दूर करता है |

चेहरे पर काले धब्बे यां मुँहांसे होने पर जायफल को दूध में घिस कर लेप करें | इससे धब्बे मिटते हैं और चेहरे निखरता है | सर्दी लगने से सिर-दर्द हो तो ललाट पर लेप करने से लाभ होता है |

दस्त : जायफल को पानी में घिस कर तीन बार नित्य पिलाने से दस्त बन्द हो जाते हैं | यदि पेट में गैस भरी हो तो सौंठ भी घिस कर मिलायें | दस्त वाले रोगी को दस्तों के अलावा तेज प्यास लगे, उल्टियाँ हों, नींद न आय तो जरा-सा जायफल का टुकड़ा चूसें | एक जायफल को पीस कर गड में बेर के बराबर गोलियाँ बना लें | बदहजमी हो, बदहजमी से दस्त हों तो, आधा-आधा घंटे एक गोली खिलाने से लाभ होगा |

बवासीर : पंसारी की दूकान से दस जायफल (Nutmeg) लाकर देशी घी में इतना सेंकें कि सुर्ख हो जायें | फिर इन जायफलों को पीस कर छलनी से छान लें | इसमें दो कप गेहूं का आटा डाल कर घी डालकर पुन: सेंकें | सेंकने के बाद स्वादानुसार देशी बुरा (शक्कर) मिला लें | इसे एक चम्मच नित्य सुबह भूखे पेट खायें | बवासीर में लाभ होगा |

गैस : जायफल को नींबू के रस में घिस कर चाटने से दस्त साफ होकर गैस दूर होती है | दस्त आने लगते हैं गैस दूर होती है |

कमर दर्द : जायफल पानी में घिस कर तिल के तेल में मिलाकर गर्म करें | अच्छी तरह गर्म होने पर ठण्डा करके कमर दर्द पर मालिश करने से लाभ होता है |

अनिद्रा : जायफल को पानी या घी में घिस कर पलकों पर लगाने से निंद्रा शीघ्र आ जाती है |

तेल प्यास : किसी भी रोग, हैजा में हो तो रोगी को जायफल का टुकड़ा मुंह में रखें |

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