करेला (Karela) खाने के फायदे और जानिए किन किन रोगों में करेला है लाभदायक

लेटिन नाम – (Momordica charantia)

करेला (Karela) खाने के फायदे

भारतीय होम्योपैथिक औष घावली में वर्णित मोमोर्डिका कैरन्शिया होम्योपैथिक औषधि करेले (Karela) से बनी है |

प्रकृति : गर्म और खुश्क | करेला घी में छौंक कर खाने से अधिक लाभदायक है |

लकवा : करेले की सब्जी लकवे में लाभदायक है |

पथरी : करेला (Karela) वृक्क व् मूत्राशय की पथरी को तोड़ कर पेशाब के साथ बाहर लाता है | इसके लिए दो करेले का रस नित्य पीयें, सब्जी खायें |

दमा : करेले की सबजी खाने से दमा में लाभ होता है |

गैस, पाचन-शक्ति ठीक करने में करेले की सब्जी या रस लाभदायक है |

हैजा : चौथाई कप करेले का रस और इतना ही पानी तथा स्वाद के अनुसार नमक मिला कर, बार-बार पीने से हैजा में लाभ होता है उलटी और दस्त ठीक हो जाते हैं |

यकृत (Liver) : 3 से 8 वर्ष तक के बच्चों को आधा चमच करेले का रस नित्य देने से यकृत ठीक रहता है | यह पेट साफ़ रखता है | यकृत बढ़ने और जलोदर होने पर 50 ग्राम करेले का रस पानी में मिलाकर पिलाने से लाभ होता है |

तिल्ली : करेले का रस (Karela juice) 25 ग्राम मिलाकर नित्य तीन बार पिलाने से तिल्ली कट जाती है |

मधुमेह (Diabetes) : रोगी को 15 ग्राम करेले का रस सौ ग्राम पानी में मिलाकर नित्य तीन बार करीब तीन महीने पिलाना चाहिए | खाने में भी करेले की सब्जी लें |

कृमि में चौथाई कप करेले का रस (Karela Juice) पीना अच्छा है |

रक्तशोधक : 60 ग्राम करेले का रस नित्य कुछ दिनों तक सेवन करने से शरीर का दूषित रक्त साफ़ हो जाता है |

पैरों में जलन होने पर करेले के पत्तों के रस की मालिश करने से लाभ होता है | करेले का रस भी काम में लें सकते हैं |

रक्तस्रावी बवासीर में रक्त गिरने पर एक चम्मच करेले का रस शक्कर मिलाकर पीने से लाभ होता है |

पीलिया (Jaundice) में एक करेला पानी (Karela juice) में पीस कर सुबह खायें | जोड़ों में दर्द हो तो करेले के पत्तों के रस की मालिश करें |

कब्ज : करेले का मूल अरिष्ट जो होम्योपैथी में मोमोर्डिका कैरन्शिया Q नाम से मिलता है की 5 से 10 बूंद नित्य चार बार देने से कब्ज दूर होती है |

करेले की सब्जी नित्य खाते रहने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में फास्फोरस मिल जाता है | शरीर में स्फूर्ति रहती है | यह भूख बढ़ाने वाला, भोजन पचाने वाला है | जब करेला नहीं मिलता हो तो इससे बनी होम्योपैथिक ओषधि प्रयोग की जा सकती है |

सावधानी : करेला (Karela) गर्मी करता है | आधिक सेवन करते हुए इसकी गर्मी की ओर ध्यान रखना चाहिए | करेले से उत्पन्न विकार दही या नींबू के सेवन से दूर हो जाते हैं |

,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *