Munakka : मुनक्का खाने के प्राक्रतिक लाभ

Munakka : मुनक्का खाने के प्राक्रतिक लाभ

प्रकृति – तर और गर्म | सर्दी के मौसम में मुनक्का का नित्य सेवन अधिक लाभकारी है |

मुनक्का (Munakka) को गर्म पानी से धोकर रात को भिगो दें | प्रांत: उसके पानी को पी लें तथा दोनों को खा लें | इस तरह नित्य प्रयोग करने से कमजोरी दूर हो जाती है | रक्त और शक्ति उत्पन्न होती है | फेफड़े को बल मिलता है | दुर्लब रोगी को मुनक्का का भिगोया हुआ पानी नित्य पिलायें |

चक्कर आना (Vertigo) : 20 ग्राम मुनक्का घी में सेक कर सेंधा नमक डालकर खाने से चक्कर आना बंद हो जाता है |

कब्ज – कब्ज में नित्य 10 मुनक्का (Munakka) गर्म दूध में उबाल कर लेने से लाभ होता है |

रक्त-विकार – 20 ग्राम मुनक्का रात को पानी में भिगों दें | इसे प्रांत: पीस कर एक कप पानी में घोल कर प्रति दिन पीते रहने से रक्त साफ़ होता है |

चेचक – चेचक के रोगी को दिन में कई बार दो-दो मुनक्का या किशमिश खिलाने से लाभ होता है |

खाँसी – खाँसी, जुकाम में मुनक्का (Munakka) लाभप्रद है | जुकाम बार-बार लगता है, ठीक ही न होता हो तो 11 मुनक्का, 11 काली मिर्च, 5 बादाम भिगों कर छील लें | फिर इन सबको पीस कर 25 ग्राम मक्खन में मिला कर रात को सोते समय खायें | प्रांत: दूध में दो पीपल, 10 काली मिर्च, सौंठ डाल कर उबाला हुआ दूध पीयें | यह कई महीने करें | जुकाम स्थाई रूप से ठीक हो जायेगा |

रक्त और वीर्य वृद्धि : 60 ग्राम मुनक्का धोकर भिगों दें | 12 घंटे बाद इनको खायें | भीगी हुई मुनक्का पेट के रोगों को दूर कर रक्त और वीर्य बढ़ाती है | मुनक्का धीरे-धीरे बढ़ा कर दो सौ ग्राम तक ले सकते हैं | वर्ष में इस तरह तीन-चार किलो मुनक्का खाना भुत लाभदायक है |

भूख – मुनक्का, नमक, काली मिर्च सबको मिला कर गर्म करके खाने से भूख बढती है | पुराने बुखार में जब भूख नहीं लगती हो तो यह प्रयोग विशेष लाभदायक है |

टी. बी. – मुनक्का, पीपल, देशी शक्कर समान भाग पीस कर एक चम्मच सुबह-शाम खाने से यक्ष्मा, (टी.बी.), स्वास, खाँसी दूर होती है |

किशमिश – अंड-कोष में पानी भर कर यदि फुल जायें तो नित्य किशमिश खाने से लाभ होगा

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