Roti Recipe – रोटी बनाने के अलग-अलग तरीके

Roti Recipe –

गेंहू की साधारण रोटी –    

सामगरी  

गेंहूं का आटा                  500 ग्राम           घी रोटी पे लगाने के लिए 

ढंग – आटे को प्रात में छान लें | अगर चाहो तो आटे में थोड़ा सा नमक भी मिला ले | फिर धीरे-धीरे आटे में पानी मिला कर गुंदना शुरू करे की आटा ना ही ज्यादा सख्त हो और ना ही ज्यादा पतला | ठीक ढंग से आटा गूंधने के बाद इसके छोटे-छोटे पेड़े बना लें और चकले पे रोटी वेलने लगे | पतली रोटी हमेशा ज्यादा अच्छी बनती है | रोटी बनाने के समे तवा न ज्यादा गर्म होना चाहिए न ज्यादा ठंडा | धीमी आंच पर ही फुल्का अच्छा बनता है | जब रोटी ठीक प्रकार से पक जाये तो उसको नीचे उतार कर घी लगा लें ता की रोटी लम्बे समे तक रोटी नरम रहे | 

नोट : रोटी बनाने से आधा घंटा पहले रोटी के लिए आटा त्यार करने से रोटी नरम और स्वादिष्ट बनती है |   


गेंहू की तंदूरी रोटी –

सामगरी  

गेंहूं का आटा       500 ग्राम           घी रोटी पे लगाने के लिए 

ढंग – इस रोटी में आटा साधारण रोटी से थोड़ा ढीला गूंधना चाहिए | सब से पहले लकड़ी डाल कर तंदूर को गरम कर लो | फिर हाथो को पानी  लगा कर गुंधे होये आटे का पेड़ा बना लें | जब तंदूर अच्छी तरा से गरम हो जाये तो एक एक पेड़े धप-धप के रोटी बना लें और तंदूर के भीतर लगाते जाएँ | जब रोटी फूलने लगे तो उसको कपडे के साथ उतार कर दूसरी तरफ से अंगारे पर सेक लें |  जब दोनों तरफ से रोटी पक जाए तो उसको कपडे से साफ़ करके घी जा मक्खन लगा लें | तंदूर की रोटी गर्म-गर्म ही स्वाद लगती है | Roti Recipe


मक्के की रोटी 

सामगरी  

मक्के  का आटा                  500 ग्राम                       घी               रोटी पे लगाने के लिए 

ढंग – मक्के का आटा खुश्क होता है | इसकी रोटी कुछ भारी और वादी वाली होती है | आटे को गूंधने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करें तो अच्छा है | इसके आटे को एक वार में नहीं गुंधा जाता बल्कि दो-दो रोटी के आटे में गर्म पानी डालो और हाथ की हथेली से मसलो | फिर पेड़ा बना कर हाथो की तली पे रोटी बनायो | रोटी के किनारे सख्त न हो इसलिए रोटी पर पानी लगा कर उसको तवे पर पकाओ | एक तरफ पक जाने पर उसको पलटो और पक्के हुए तरफ घी लगा कर पकाओ | इसी प्रकार दूसरी तरफ सेको | पंजाब में मक्की की रोटी सरसों के साग के साथ बहुत पसंद की जाती है | यह आटा जितना ही बारीक होगा उतना ही अच्छा पकता है और रोटी वी कम टूटती है |

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