शलगम (Turnip) से करें घरेलू उपचार जानिए किन-किन रोगों में लाभदायक है शलगम

शलगम (Turnip) से करें घरेलू उपचार जानिए किन-किन रोगों में लाभदायक है शलगम

लेटिन नाम – ब्रासिका ओलेरेसिया वार नेपस (Brassica oleracea var napus)

इसकी सब्जी बीमारों के निस्संकोच खिला सकते हैं |कच्ची शलगम (Turnip) खाने से दस्त साफ हो जाते हैं |

बिवाइयाँ (Chilblains) : शलगम (Turnip) को उबालकर उसके पानी से बिवाइयाँ को धोयें | फिर उस पर शलगम रगड़ें | रात को ऐसा करके बिवाइयाँ पर कपड़ा लपेट दें | इससे बिवाइयाँ ठीक हो सकती हैं |

मधुमेह : इसके रोगी को शलगम की सब्जी नित्य खानी चाहिए |

पेशाब रुक-रुक कर आने पर एक शलगम और एक मूली कच्ची ही काट कर मिलाकर खानी चाहिए |

मसूड़ों और दाँतों के रोग शलगम को कच्ची चबा-चबाकर खाने से ठीक हो जाते हैं तथा दांत साफ़ रहते है |

उँगलियों की सुजन : 50 ग्राम शलगम (Turnip) एक किलो पानी में उबालें | फिर इस पानी में हाथ-पैर रखने से उँगलियों की सुजन दूर हो जाती है |

दमा : शलगम, बंदगोभी, गाजर और सेम (बलोल) का रस मिलाकर सुबह, शाम दो सप्ताह तक पीने से लाभ होता है |

दमा, खाँसी, गला बैठना : शलगम को पानी में उबालकर इस पानी को छानकर शक्कर मिलाकर पीने से लाभ होता है |

गला बैठना, गाने और भाषण देने वालों के लिए शलगम का साग लाभदायक है |

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