13 Amazing Benefits Of Tamarind In Hindi

13 Amazing Benefits Of Tamarind In Hindi

लेटिन नाम – टेमरिन्ड्स इण्डिका (Tamarindus indica)

ह्रदय की दाह : मिश्री के साथ पक्की हुई इमली (Tamarind) का रस पिलाने से हृदय की जलन मिटती है |

लू लगना : पकी हुई इमली (Tamarind) के गुदे को हाथ और पैरों के तलवों पर मलने से लू का असर मिटता है |

एक गिलास पानी में 25 ग्राम इमली को भिगोकर इसका पानी पीने से गर्मी में लू नहीं लगती |

गुहेरी : इमली के बीजों की गिरी पत्थर पर चन्दन की तरह घिसकर गुहेरी पर लगायें | इससे तत्काल ठंडक पहुंचेगी | गुहेरी के लिय यह उत्तम नुस्खा है |

फोड़े, फुंसी, वर्ण होने पर 30 ग्राम इमली को एक गिलास पानी में मथकर, मिलाकर पीने से लाभ होता है |

प्लेग, गर्मी का बुखार, पीलिया में इमली का पानी पिलाना लाभदायक है |

वमन और भंग का नशा पकी इमली को पानी में भिगोकर पीने से ठीक हो जाता है |

शीतल पेय (Cooling Drink) : एक गिलास पानी में स्वाद के अनुसार इमली (Tamarind) और शक्कर भिगो दें | एक घंटे बाद इमली को मथ कर छान कर पीयें | यह उत्तम शीतल पेय है |

सेवन बिधि : इमली को भिगो दें | इसे मथकर छान कर इसका पानी पीयें | इमली के साथ गुड़ का संयोग इम्मली से होने वाले विकारों को मिटाता है |

रक्तस्त्रावी बवासीर में इमली के पत्तों का रस पिलाने से लाभ होता है |

शीघ्र-पतन : आधा किलो इमली के बीज(Tamarind seeds) चार दिन पानी में भिगोयें और फिर छिलके उतारकर छाया में सुखायें | सूखने पर पीसकर समान भाग मिश्री मिलकर पीसें | चौथाई चम्मच नित्य दूध से दो बार सुबह-शाम इसकी फंकी लें | 50 दिन सेवन करने से शीघ्र-पतन दूर हो जाएगी वीर्य गाढ़ा हो जायेगा |

लू, नशा : 50 ग्राम इमली (Tamarind) आधा किलो पानी में दो घंटे भिगोकर मथें और मसलें | इसमें स्वाद के अनुसार कोई भी मीठी चीज जैसा बुरा, मिश्री, चीनी मिला कर छान लें और पी जायें | इससे गर्मी में लू लगना, बेचैनी, जी मिचलाना अदि ठीक हो जाते हैं | दस्त साफ़ आता है | भाँग और शराब का नशा उतर जाता है | शरीर की जलन कम होती है | यदि मुंह का स्वाद ठीक करना हो तो मीठी चीज के स्थान पर नमक, काली मिर्च, और सेंका हुआ जीरा मिला कर पीयें | अरुचि दूर होकर मुंह का स्वाद ठीक होगा |

फ्लुओरिसिस : यह एक अस्थि-रोग है | मनुष्य जब फ्लूओराइड आयन युक्त पानी पीता है तो उसे फ्लुओरिसिस रोग होता है | इस रोग में दांत खराब  हो जाते हैं और पीले पड़ जाते हैं, गल जाते हैं तथा हड्डियों का भार बढ़ जाता है, जोड़ों में जकड़न होती है और मेरु-दंण्ड (Spinal Cord) में एथान आ जाती है |

इमली (Tamarind) का पानी पीने से मनुष्य को फ्लुओरिसिस नहीं होता | इमली का पानी फ्लुओरिसिस आयन नष्ट करता है | इमली के पानी में नमक मिला कर पीने से फ्लुओरिसिस आयन हटाने की क्षमता चालीस गुना बढ़ जाती है |

,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *