Java Plum Benefits (जामुन) In Ayurveda

Java Plum (जामुन)

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लेटिन नाम : साईजीगियम क्युमिनाई (Syzygium cuminii)

बिस्तर में पेशाब करने वाले बच्चे लड़का हो या लड़की जामुन की गुठली को पीसकर एक चाय की चम्मच की फंकी पानी से लेने पर यह रोग दूर हो जाता है।

सुगर – वर्तमानकाल में सुगर के मरीजों की गिनती बहुत बदती जा रही है | सुगर की रोकथाम के लिए जामुन (Java plum) का प्रोयोग बहुत कारगर होता है जानिए|

जामुन की छाल या गुठली सुखाकर बारीक पीसकर 6-6 माशे सुबह-शाम ताजे जल में इस्तेमाल करें |

स्वपनदोष : चार ग्राम जामुन की गुठली का चूर्ण सुबह, शाम पानी के साथ लेने से स्वपनदोष ठीक हो जाता है।

खुनी दस्त – जामुन के हरे पत्ते 9 माशे एक छटांक जामुन की गुठली पीसकर 4 माशे शाम को जल से दस दिन तक खाएं और खटाई का परहेज करें | अथवा जामुन (Java plum) की गुठली एक तोले सुबह-शाम जल में पीसकर दें |

संग्रहणी (पेट के रोग) – जामुन के पेड़ की छाल सुखाकर महीन पीसकर छान लें | 3-3 माशे सुबह गाये के दूध की लस्सी से दें | तेल खटाई का परहेज करें |

ल्युकोरिया (श्वेत प्रदर) – जामुन की हरी ताजा छाल छाया में सुखाकर महीन पीसकर 4-4 माशे सुबह-शाम बकरी के दूध से दें |

माहवारी या मासिक धर्म (Menstruation) – जामुन (Java plum) की हरी तजा छाल एक तोला आधा पाव पानी में छोंटकर सुबह-शाम पिलाने से माहवारी में अधिक रक्त आना बंद होगा |

दांतों के लिए – जामुन की छाल बारीक़ कर मंजन करें |

धातु बंद – जिसका मसाना कमजोर हो और उसे स्वप्नदोष हो तो पानी में जामुन की छाल पीसकर चार दिन पीएं, तथा खिचड़ी का इस्तेमाल करें |

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