Bottle Gourd Health Benefits (लोकी) In Ayurveda

Bottle Gourd Health Benefits (लोकी) In Ayurveda

Bottle Gourd Health Benefits In Hindi

प्रकृति :  ठंडी और तर |  इसे कद्दू और घिया के नाम से ही लोग जानते हैं |  लोकी मस्तिष्क की गर्मी को दूर करती है | यह छिलके सहित खानी चाहिए | लोकी ठंडी रुकी होती है |

सिरदर्द – गर्मी के कारण सिरदर्द हो जाये तो लौकी का गुदा निकालकर महीन करके मस्तिष्क पर लेप कीजिए |

मुँह से रक्त आना – घीया के छिलके को महीन करके समान मिश्री मिलाइए | 6 माशे ताजे पानी के साथ नियमित सुबह-शाम मिलाइए | बीस दिन सेवन से खाँसी के साथ रक्त आना बंद होगा | गर्म चीजों का परहेज कीजिए |

कान का दर्द – लौकी का पानी (Bottle Gourd Juice), लड़के वाली स्त्री का दूध समान मिलाकर गर्म करके डालिये |

खुनी दस्त – घीए का छिलका सुखाकर महीन पीसकर | 6 माशा शाम को तजा पानी से 4-5 माह दीजिए | बवासीर खुनी दस्त समाप्त कर देंगे |

पेशाब के लिए – यदि पेशाब रुक गया तब घीए का रस 1 तोला और कलमी शोरा 2 माशे तथा मिश्री 2 तोला, 1 पाव पानी मिलाकर दिन में एक बार पिलाने से पेशाब साफ आएगा |

बिच्छू काटना :  बिच्छू-काटे स्थान पर लोकी पीसकर लेप करें तथा इसका रस पिलायें तो बिच्छू काटे का जहर उतर जाएगा | 

दस्त : लौकी का रायता दोस्तों में  लाभप्रद है | 

पुत्र-प्राप्ति : जिन स्त्रियों को लड़कियां ही होती हैं वे गर्भ ठहरने के दूसरे और तीसरे महीने में लौकी बीज सहित मिश्री के साथ लगातार खाएं तो लड़की के स्थान पर लड़का उत्पन्न होगा |  यह अनुभव 50% सफल रहा है | गर्भावस्था के प्रारंभिक एवं अंतिम माह में सवा सौ ग्राम कच्ची लोकी 70 ग्राम मिश्री के साथ प्रतिदिन खाने से गर्भस्थ शिशु का रंग निखर जाएगा | 

गुर्दे का दर्द : लौकी के टुकड़े करके गर्म करके दर्द वाले स्थान पर इसके रस की मालिश करने और पीसकर लेप करने से गुर्दे का दर्द तुरंत कम हो जाएगा | 

पैर के तलवों की जलन : लोकी जगिया को काटकर स्कंदगुप्ता पैर के तलवों  पर मलने से गर्मी, जलन, भभका दूर होगा | 

दांत-दर्द : लोकी या घीया  75 ग्राम, लहसुन 20 ग्राम,  दोनों को पीसकर 1 किलो पानी में उबालें,  आधा पानी रह जाने पर छानकर कुल्ले करने से दांत-दर्द ठीक हो जाता है |  

बवासीर लौकी के पत्तों को पीसकर लेप करने से कुछ ही दिनों में बवासीर नष्ट हो जाते हैं | 

पीलिया :  लोकी को धीमी आग में दबाकर  भरता-सा बना ले, फिर इसका रस निचोड़ कर थोड़ी मिश्री मिलाकर पीयें |  यकृत की बीमारी और पीलिया के लिए लाभकारी है |

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