Uses Of Carrot (गाजर) In Ayurveda

Uses Of Carrot (गाजर)

Uses Of Carrot (गाजर) – 

प्रकृति से गाजर तीखी, मधुर, कड़वी होती है। गाजर खून में पित्त और वात कम करने में, बवासीर, दस्त और कफ से राहत दिलाने में मदद करती  है।

कान-नाक दर्द – आधा सेर गाजर के पत्तों का पानी गर्म करके नाक कान में डालें |

पथरी – गाजर के बीज शलगम के बीज 2-2 तोले लो और एक मुली को अन्दर से पोला करके उसमें भर लें | भुन जाने पर इन चीजों को निकाल लें | 6 माशे सुबह-शाम जल के साथ लेने से बंद मूत्र खुलेगा और पथरी निकल जाएगी |

पेट के कीड़े – गाजर का रस 50 ग्राम निराहार दो सप्ताह पीने से कीड़े निकल जाएंगे | अयस्क को गर्म करके दें |

ताकत के लिए – 1 सेर गाजर को कदुकास में घिसे और 4 किलो दूध में पकाओ | एक पाव देशी घी में उसे भुने इसमें दस अन्डे और आधा किलो चीनी डालकर एक माह खाओ |

आँखों को स्वस्थ – आजकल कंम्यूटर पर काम दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण आँखों को सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गाजर आँखों को स्वस्थ रखने में मदद करती है। 

कैंसर में – गाजर खाने से कैंसर सेल विकसित नहीं हो पाते हैं. गाजर में भरपूर मात्रा में कैरीटोनॉइड पाया जाता है, जो शरीर की इम्‍यूनिटी बढ़ाकर बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है.  इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन प्रोस्‍टेट और ब्रेस्‍ट कैंसर से बचाव करते हैं |

दिल को सेहतमंद बनाए – गाजर दिल को सेहतमंद बनाए रखने का काम भी करता है. दरअसल, गाजर में भरपूर मात्रा में बीटा-कैरोटीन, अल्‍फा-कैरोटीन और लुटेइन जैसे एंटीऑक्‍सीडेंट पाए जाते हैं, जो कॉलेस्‍ट्रोल लेवल बढ़ने नहीं देते और हार्ट अटैक के खतरे को कम कर देते हैं |

स्‍किन और बालों की देखभाल – गाजर पेट की समस्‍याओं को दूर कर खून की सफाई करता है. जाहिर है कि ऐसे में स्‍किन भी अच्‍छी रहेगी और कील-मुंहासों से छुटकारा मिल जाएगा |

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